भाभी ने अपनी सुहागरात के दिन, मस्त घागरा-चोली में सजकर, पति से पहले अपने देवर की गर्मी से अपनी चूत की मरहमत करवाई
भाभी रसोई में व्यस्त थी, तभी देवर ने अंदर आकर गरमाहट भरी गुजारिश की, “भाभी, तुम्हारी चूत का रस चखने का मन कर रहा है… दे सकोगी?”
देखते ही देवर की आँखों में भड़क उठी आग, गुलाबी साड़ी में लिपटी भाभी को देखकर उसके मन में उठे विकार ने कहा – “अभी तुझे चोदूंगा!”